This page contains the Arabic text, audio recitation, and Hinid translation of Surah सूरा अत्-तीन - At-Teen.
وَٱلتِّینِ وَٱلزَّیۡتُونِ
﴿١﴾
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!(1)
Tafseer:
وَطُورِ سِینِینَ
﴿٢﴾
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!(2)
Tafseer:
وَهَـٰذَا ٱلۡبَلَدِ ٱلۡأَمِینِ
﴿٣﴾
और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!(3)
Tafseer:
لَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَـٰنَ فِیۤ أَحۡسَنِ تَقۡوِیمࣲ
﴿٤﴾
निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।(4)
Tafseer:
ثُمَّ رَدَدۡنَـٰهُ أَسۡفَلَ سَـٰفِلِینَ
﴿٥﴾
फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।(5)
Tafseer:
إِلَّا ٱلَّذِینَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمۡ أَجۡرٌ غَیۡرُ مَمۡنُونࣲ
﴿٦﴾
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।(6)
Tafseer:
فَمَا یُكَذِّبُكَ بَعۡدُ بِٱلدِّینِ
﴿٧﴾
फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?(7)
Tafseer:
أَلَیۡسَ ٱللَّهُ بِأَحۡكَمِ ٱلۡحَـٰكِمِینَ
﴿٨﴾
क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?(8)
Tafseer: